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बलगम वाली खांसी आमतौर पर किसी अंदरूनी समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण विकसित होती है और इसलिठअगर इसका समय पर इलाज न किया जाठतो यह गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पैदा कर सकती है। उदाहरण के लिठअगर फेफड़ों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण बलगम वाली खांसी विकसित हà¥à¤ˆ है और इसका समय पर इलाज शà¥à¤°à¥‚ नहीं किया गया है, तो à¤à¤¸à¥‡ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ अनà¥à¤¯ अंगों में फैल सकता है।
बलगम वाली खांसी के कारण
बलगम वाली खांसी के निमà¥à¤¨ कारण हो सकते हैं -
सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम (फà¥à¤²à¥‚) के रूप में फेफड़ों में वायरल या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होना
असà¥à¤¥à¤®à¤¾, निमोनिया, कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज (सीओपीडी), बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस और फेफड़ों में घाव बनने जैसी कोई समसà¥à¤¯à¤¾ होना
गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤² रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज (जीईआरडी) जिसमें पेट के मौजूद अमà¥à¤² वापस à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली (इसोफेगस) में आ जाà¤à¤‚। गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤² रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज के à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ के रूप में à¤à¥€ बलगम वाली खांसी विकसित हो सकती है।
पोसà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡à¤œà¤² डà¥à¤°à¤¿à¤ª जिसमें नाक का दà¥à¤°à¤µ लगातार गले की तरफ बहता रहता है और इस कारण से à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बलगम वाली खांसी के लकà¥à¤·à¤£ विकसित हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आपको बार-बार गला साफ करने की आदत à¤à¥€ पड़ जाती है।
इसके अलावा कà¥à¤› अनà¥à¤¯ कारक à¤à¥€ हैं, जो बलगम वाली खांसी होने के जोखिम बढ़ा सकती है। सिगरेट पीना या तंबाकू का सेवन करना दोनों सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में गला खराब हो जाता है और फेफड़ों को à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है।
बलगम वाली खांसी के जोखिम कारक
बलगम वाली खांसी होने का खतरा आमतौर पर निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, जैसे -
सिगरेट पीना या सिगरेट पी रहे किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आना
शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° में होने वाले किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ के संपरà¥à¤• में आना
किसी पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होना (à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ के संपरà¥à¤• में आना आपको खांसी होने का खतरा बढ़ा सकता है)
वातावरण में à¤à¥€ कई à¤à¤¸à¥‡ कारक मौजूद हो सकते हैं, जो आपको खांसी होने का खतरे को बढ़ा सकते हैं।
फेफड़ों से संबंधित रोग होना à¤à¥€ आपको बलगम वाली खांसी होने के खतरे को बढ़ा देते हैं, इनमें आमतौर पर फेफड़ों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ व सीओपीडी जैसी बीमारियां शामिल हैं।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाओं को बलगम वाली खांसी होने का खतरा अधिक रहता है, à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि महिलाà¤à¤‚ खांसी के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील होती हैं।
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